माँ बाप का सम्मान

बूढ़े माँ बाप का सम्मान करो क्यों रहते हो इन से लड़ते ये तो डोर ही है पतंग की जो उसे उडाती है वरना  हवा के झोंके कबके उसे ले उडते

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एक मुलाजिम की किस्मत

मुलाजिम हूँ दूसरों की सुनना मेरा हक है इसी बात की तनख्वाह है, जिससे मेरा घर जगमग है बात बराबर है, किसी एक को चुन लो दफ्तर ना हो तो घर में सुन लो बेहतर है की दफ्तर में ही सुन लो न तो खाली जेब ही अपने सपने बुन लो बस ऐसे सुनने सुनाने … Continue reading एक मुलाजिम की किस्मत

जीवन का एक और सच

मैं प्रतिदिन घर से कार्यालय जाने के लिए भारतीय रेल का प्रयोग करता हूँ और उनके द्वारा बनाये एंड्रॉइड एप से यह जानता रहता हूँ की जिन जिन ट्रेनों में मैं जा सकता हूँ वे समय पर हैं या कोई विलम्ब से भी है। कई बार तो ऐसा होता है कि सारी ट्रेनें समय पर … Continue reading जीवन का एक और सच