मेरे देश को शांति पसंद है 

आसमान धुंधला है और समाज जल रहा है क्यों कहते हो कि मेरा देश बदल रहा है  दंगा फसाद, भ्र्ष्टाचार फैला है सब जगह  कैसे मान लूँ की अच्छे दिनों का दौर चल रहा है  बाहर कदम रखा था कि खुशियां लेकर आऊंगा  पर जहां भी कदम रखु , वहीं कदम फिसल रहा है  ये … Continue reading मेरे देश को शांति पसंद है 

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जल्दबाजी

न जाने कैसी जल्दबाजी घुस आई है हर इंसान में कोई रहना ही नहीं चाहता मेरे हिंदुस्तान में हर तरफ जाम और गाड़ियों का शोर शराबा है मानो घुसाना चाहते हों दो तलवार एक मियान में कितना सिखा दूँ कितना समझा दूँ इन्हे तमीज बिकती नहीं यहाँ बाजारों दुकान में यूँ ही रेंगते रेंगते जीवन … Continue reading जल्दबाजी

पैसे के नशे में चूर हो कर

अभी समय के हाथ मजबूर हो करपैसे के नशे में चूर हो करजी रहें है ज़िन्दगीअपने माँ बाप से दूर हो कर           बच्चों के पास बाबा दादी नही          सीख की कहानी नही प्यार की गोदी नही          बैठे भी हैं बच्चे अकेले          खिलोने भरपूर हो करखुद बच्चों को समय दिया नहीदो बात प्यार से किया नहीदिया … Continue reading पैसे के नशे में चूर हो कर