व्यसन (तम्बाकू,बीडी,गुटखा, शराब,खेनी की लत) छोड़ने के तरीके

आज हम कई बुरी लातों से परेशान हैं और इनमे से कई तो ऐसी है जो हमारी जान तक ले सकती हैं जैसे की तम्बाकू,बीडी,गुटखा, शराब,खेनी आदि. किसी भी बुरेपदार्थ के खाने की लत लगना जैसे की बीड़ी, सिगरेट,गुटखा या शराब आदि का रोजाना या निरंतर सेवन व्यसन कहलाता है.

कोई आदमी अपनी मर्जी से व्यसन नहीं करता। कोई न कोई मजबूरी,कमजोरी या दुःख होता है जिसकी वजह से वह व्यक्ति व्यसन करने लगता है।

व्यसन होने के कारण

व्यसन दो प्रकार से हो सकता है मानसिक या शारीरिक। जब व्यसन मानसिक तोर पर होता है तो उसका कारण कोई बड़ा दुःख, जीवन में कोई हार या लज्जा होती है। वहव्यक्ति व्यसन कर के कुछ समय के किये अपने आप को उस दुःख से दूर समझता है और खुश रहने की कोशिश करता है।

जब व्यसन किसी शारीरिक कारण से होता है तो उसका कारण है की उसके शरीर में गंधक की कमी है और वह यह व्यसन कर के उस गंधक की कमी को पूरा करता है।

व्यसन छोड़ने के तरीके

मानसिक व्यसन को छोड़ना मानसिक व्यसन छोड़ने के लिए हमें सिर्फ अपना मन मजबूत करना होता है। मन को मजबूत करने के लिए हम एक बड़ा ही सरल व्यायाम करसकते हैं।

व्यायाम करने का तरीका

  • जमीन पर आलती पालती मार कर बैठ जाएं
  • अपनी दायीं नाक बंद कर लें
  • और बायीं नाक से ही सांस लें
  • ऐसा प्रतिदिन कम से कम 5 मिनट तक करें

आपका मन मजबूत हो जायेगा और आप आसानी से व्यसन छोड़ पाएंगे।

शारीरिक व्यसन को छोड़ना- शारीरिक व्यसन को छोड़ने के दो तरीके हैं

जैसा की आप जानते हैं की शारीरिक व्यसन गंधंक की कमी से होता है तो हम गंधक को दो प्रकार से ले सकते हैं प्राकर्तिक रूप से या कृत्रिम रूप से दवाई के तोर पर.

प्राकृतिक रूप-

प्राकृतिक रूप में गंधक, अदरक में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.

सेवन के विधि-

  • अदरक के छोटे छोटे टुकड़े कर लें
  • उन टुकड़ों पर नीम्बू निचोड़ दें
  • अब थोडा काला नमक दाल दें
  • इस तरह से तैयार अदरक के टुकड़ों कों धुप में सुखा दें.
  • एक दिन धूम में सुखाने के बाद इन्हें अपनी जेब में रख लें

अब ये उपयोग हेतु तैयार हैं. इन्हें हमेशा अपनी जेब में रखें और जब भी व्यसन की इच्छा करे तो इसका एक टुकड़ा मुह में रख कर चाबना शुरू कर दें. इसे सिर्फ चाबे, काटें नहीं. एक टुकड़ा आपके मुह में पूरे दिन रह सकता है.

कुछ दिन ऐसा करने से आपका व्यसन करने का मन नहीं करेंगा.

कृत्रिम रूप- कृत्रिम रूप से लेने के लिए आप होमियोपैथी की सल्फर नामक दवाई ले सकते हैं २०० की शक्ति में.

यह तरल रूप में आपको उपलब्ध होगी.

सेवन की विधि – प्रतिदिन प्रातः सल्फर दवाई की एक बूँद अपनी जीभ में दाल लें.

लगातार तीन दिन ऐसा करने से आपकी व्यसन करने की इच्छा नहीं करेगी.

श्रोत- राजीव दीक्षित जी के व्याख्यान

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